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Sarkari Loan Yojana: सरकार की मदद से शुरू करें बिजनेस, 10 लाख तक का लोन आसानी से मिलेगा

Sarkari Loan Yojana: नौकरी की कठिनाइयों के कारण, आज के समय में हर किसी का सपना होता है कि वह अपना व्यापार शुरू करे। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो अपना व्यापार शुरू करना चाहते हैं परंतु आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं है, तो आप सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करके भी अपने व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं। आइए विस्तार से जानें कि आप सरकार की मदद से कैसे अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं।

Sarkari Loan Yojana
Sarkari Loan Yojana: Start a business with the help of the government, get a loan of up to 50 lakhs easily

आप बिज़नस शुरू करने के लिए सरकारी मदद से इस प्रकार आगे बढ़ सकते हैं:

  • प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY): इस योजना के तहत, आपको कमीशन और अन्य लाभों के साथ बिज़नस शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है।
  • मुद्रा योजना: इस योजना के तहत, आप छोटे और मध्यम व्यापारों के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आप अपने व्यवसाय को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • स्टार्टअप इंडिया: यह योजना नए और नवाचारी व्यापारों के लिए है, जो आपको वित्तीय सहायता और मेंटरशिप की सुविधा प्रदान कर सकती है, जिससे आप अपने व्यवसाय को सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं।

इन सरकारी योजनाओं से लाभ उठाकर, आप अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं और उसे मजबूती से बढ़ा सकते हैं।

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PMEGP

प्रधानमंत्री रोजगार सृष्टि योजना (Prime Minister’s Employment Generation Programme – PMEGP) एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है जो गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने के लक्ष्य से बनाई गई है। इसके तहत वित्तीय सहायता नई परियोजनाओं की स्थापना या मौजूदा परियोजनाओं की विस्तार के लिए प्रदान की जाती है।

मुख्य विशेषताएँ:

  1. सहायता का प्रकार: PMEGP के तहत सहायता सब्सिडी और बैंक ऋण के रूप में प्रदान की जाती है। सब्सिडी का हिस्सा परियोजना के आकार और उद्यमी की श्रेणी (सामान्य, विशेष, महिला, SC/ST, OBC, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, दिव्यांग, NER, पहाड़ी और सीमांत क्षेत्र, आदि) के साथ जुड़ा होता है।
  2. पात्रता: PMEGP के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवार 18 वर्ष से अधिक आयु वाले होना चाहिए। नई परियोजनाओं के साथ-साथ मौजूदा परियोजनाओं का विस्तार भी योजना के अंतर्गत पात्र है।
  3. परियोजना लागत: PMEGP के तहत परियोजना की अधिकतम लागत विनिर्धारित है – निर्माण इकाइयों के लिए 25 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये तक।
  4. सब्सिडी: सब्सिडी विभिन्न दरों पर प्रदान की जाती है, उद्यमी की श्रेणी और परियोजना के स्थान के आधार पर।
  5. बैंक ऋण: सब्सिडी राशि को कटने के बाद प्रोजेक्ट की बची हुई लागत को पात्र बैंकों द्वारा वित्तपोषित किया जाता है। बैंक की गुणवत्ता के तर्कों के अनुसार ब्याज दर तय की जाती है।
  6. आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक उम्मीदवार KVIC के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जो PMEGP के कार्यान्वयन का नोडल एजेंसी है।
  7. प्रशिक्षण: लाभार्थियों को उद्यमिता विकास कार्यक्रमों और कौशल विकास प्रशिक्षण करने की आवश्यकता हो सकती है।
  8. पुनर्भुगतान: सहायता के बैंक ऋण हिस्से को मासिक या तिमाही किस्तों में चुक्ति की जाती है, जैसा कि बैंक की शर्तों के अनुसार।
  9. निगरानी: PMEGP की कार्यान्वयन और निगरानी कई स्तरों पर की जाती है, जिसमें जिला उद्योग केंद्र (DIC), राज्य स्तर का कार्यक्षेत्र कार्यसमिति, और KVIC शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना :Pradhan Mantri Mudra Yojana( PMMY)

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक ऐसी योजना है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति व्यापार आरंभ करने के लिए ऋण प्राप्त कर सकता है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले ऋण पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा राशि की आवश्यकता नहीं होती। इस योजना के तहत, तीन प्रमुख श्रेणियों में व्यक्ति ऋण ले सकता है, जिसमें शिशु मुद्रा ऋण, किशोर मुद्रा ऋण, और तरुण मुद्रा ऋण शामिल हैं। इन श्रेणियों में से प्रत्येक ऋण की विशेषताएँ और शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।

शिशु मुद्रा लोन: Shishu mudra loan yojana

शिशु मुद्रा लोन, जो कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की एक श्रेणी है, एक उत्तम विकल्प है जब कोई व्यक्ति नया व्यापार शुरू कर रहा है या अपने मौद्रिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। इस योजना के अंतर्गत, आवेदक अधिकतम 50,000 रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकता है। यह ऋण बिना किसी सुरक्षा राशि के होता है, जिससे उद्यमी अपने व्यापार को मजबूती से शुरू कर सकता है और सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है।

किशोर लोन: Kishore Loan Yojana

किशोर लोन: शिशु मुद्रा लोन योजना के अलावा, किशोर लोन भी एक विकल्प है जिससे व्यक्ति 50,000 से 5,00,000 रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकता है। इस योजना के अंतर्गत, कम से कम 2 साल से अधिक समय से व्यापार कर रहे उद्यमियों को इस योजना का लाभ मिलता है।

तरुण लोन: Tarun Loan Yojana

यह योजना सबसे प्रमुख और पहचाने जाने वाले ऋण विकल्प में से एक है, जिसमें आवेदक को 5,00,000 से 10,00,000 रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा सकता है। आवेदक को इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने से पहले अपने व्यापार की प्रगति का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा, और इसके लिए ऋण की स्वीकृति अनुमानित होती है।

स्टैंड अप इंडिया: Stand-Up India Scheme

इस योजना के तहत, निम्न आय के वर्ग में रहने वाली महिलाएं और SC/ST जाति के व्यक्तियों को 10,00,000 से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने व्यापार को बढ़ावा दे सकते हैं। इस योजना के तहत, पहले 3 साल तक इनकम टैक्स में छूट भी प्रदान की जाती है।

MSME लोन योजना:

सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना व्यावसायिक कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए है। इस योजना के तहत, नए या पहले से स्थापित व्यापारों को 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त करने का विकल्प है, जिससे उन्हें व्यापार को प्रोत्साहित करने में सहायता हो सकती है। इस योजना की एक और शुभक्ति यह है कि ऋण प्रक्रिया पूरी होने में मात्र 8 से 15 दिन लगते हैं।

ध्यान दें: यदि आप अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए सरकारी मदद प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए उनकी शर्तों और निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।


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